What is mental health and why is it important - मानसिक स्वास्थ्य क्या है ?

 What is mental health and why is it important - मानसिक स्वास्थ्य क्या है ?

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मानसिक स्वास्थ्य क्या है ?


अभी कुछ महीने पहले राजस्थान के एक शहर में दो युवा भाइयों ने रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या कर ली | उनकी उम्र लगभग 22 से 23 वर्ष के मध्य थी | जो वजह सामने आई  वह यह थी कि इन दोनों को ही अपने रिलेशनशिप में सफलता नहीं मिली | प्रेम संबंधों में सफलता ना मिलने की वजह से इतनी कम उम्र में आत्महत्या जैसा कदम उठाना इस बात का संकेत है कि वर्तमान समय में हम कहीं ना कहीं मानसिक स्वास्थ्य में पिछड़ते जा रहे हैं”

इस तरह के आंकड़े वाकई में चौंकाने वाले जरूर हो सकते हैं |लेकिन सत्य भी है| वर्तमान परिस्थितियों में बढ़ते तनाव और अत्यधिक महत्वाकांक्षा के चलते 50 से 60% लोग मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ नहीं है |


मानसिक स्वास्थ्य के अर्थ को समझना हमारे लिए बहुत जरूरी है| क्योंकि हम में से अधिकांश लोग अपने शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग रहते हैं | उसके बारे में बात करते हैं, और उसे सही संतुलन में बनाए रखने के लिए उचित प्रयास भी करते हैं | लेकिन क्या सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखकर एक व्यक्ति अपने जीवन में सफलता को प्राप्त कर सकता है| शायद नहीं | क्योंकि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी सही स्थिति में होना जरूरी होता है |

 शारीरिक स्वास्थ्य सही स्थिति में है अथवा नहीं इस बात का पता आसानी से लगाया जा सकता है | क्योंकि उसके लक्षण हमें आसानी से दिखाई दे जाते हैं | लेकिन मानसिक स्वास्थ्य खराब होने पर ऐसा नहीं होता| मानसिक स्वास्थ्य को समझने के लिए उसके बारे में सही जानकारी का होना बहुत आवश्यक है |

ठीक इसी तरह शारीरिक स्वास्थ्य में अगर कोई परेशानी आती है तो उसे दूर करना मानसिक स्वास्थ्य के कष्ट की अपेक्षा आसान होता है |

एक व्यक्ति बौद्धिक, सामाजिक और व्यावहारिक स्तर पर अपने आप को किस तरह से प्रदर्शित करता है | इस बात से उसके मानसिक स्वास्थ्य को तय किया जा सकता है 

मानसिक स्वास्थ्य के अंतर्गत निम्न पहलुओं को शामिल किया जाता है 

  1. सोचने समझने की शक्ति

 किसी परिस्थिति चाहे वह अनुकूल हो अथवा प्रतिकूल उसमें एक व्यक्ति किस तरह से अपनी प्रतिक्रिया देता है और परिस्थिति में उसका लिया गया निर्णय आत्मविश्वास और धैर्य उस व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को परिभाषित करता है मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में ना ही नकारात्मक भाव प्रदर्शित करता है और ना ही अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में अत्यधिक उत्तेजना के भाव को प्रदर्शित करता है मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति हर प्रकार की परिस्थिति में सहज और सरल रहता है |

  1. जीवन लक्ष्य को पूरा करने की चाह

 एक व्यक्ति अपने जीवन उद्देश्य को लेकर कितना सजग है ? और उसके लिए कितने प्रयत्न कर रहा है अथवा नहीं कर रहा है? उसे अपने जीवन में किन कार्यों को करना है ? और किस स्तर तक अपने जीवन को लेकर जाना है ?

 जीवन लक्ष्य को पूरा करने के लिए व्यक्ति उचित या अनुचित किस तरह के प्रयत्न करता है ?

यह सारे तत्व व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को दर्शाते हैं गलत तरीके से उद्देश्य की प्राप्ति करने वाला व्यक्ति कमजोर मानसिक स्वास्थ्य वाला माना जाता है वहीं मेहनत और प्रयत्न करके जीवन में आगे बढ़ने वाले व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य अच्छी स्थिति में होता है |

  1. अपने परिवार और समाज को स्वीकारना 

व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को दर्शाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहलू है | जिन व्यक्तियों का मानसिक स्वास्थ्य एक सही स्थिति में होता है ऐसे लोग अपने आसपास के लोगों के साथ सहज और सरल व्यवहार रखते हैं | लोगों से मित्रता का भाव रखते हैं | मानसिक रूप से स्वस्थ लोगों के मित्र ,परिवार जन और रिश्तेदार उनके साथ स्थाई और संतोषजनक संबंध बनाए रखते हैं |


  1. स्वयं के प्रति सकारात्मक सोच

 किसी व्यक्ति कि स्वयं के व्यक्तित्व को लेकर उसके क्या विचार है | उसके मानसिक स्वास्थ्य को दर्शाते हैं | एक स्वस्थ व्यक्ति अपने बारे में सकारात्मक सोच रखता है उसे दूसरे लोगों के साथ घुलने मिलने बातचीत करते वक्त आत्मविश्वास से लबरेज रहता है |

 मानसिक स्वास्थ्य क्यों जरूरी है?

  1. मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति  समाज और परिवार में स्वीकार्य ( socially acceptable) माना जाता है |

  2. उच्च मानसिक स्तर वाला व्यक्ति  आत्मविश्वास से पूर्ण होता है |

  3. मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति में सुरक्षित होने का भाव हर परिस्थिति में रहता है | जिसकी वजह से ऐसे व्यक्ति अपने जीवन में विपरीत परिस्थितियों का आत्मविश्वास और धैर्य के साथ सामना करते हैं | और आत्महत्या या अन्य किसी प्रकार की गलत कदम उठाने का निर्णय नहीं लेते |

  4. मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होने की स्थिति में व्यक्ति अपने आसपास होने वाले घटनाक्रमों ,नकारात्मक माहौल, नकारात्मक लोगों और किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित नहीं होते |

  5. मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति भावनात्मक स्तर पर काफी मजबूत होते हैं | और इसी वजह से रिलेशनशिप के टूटने ,जॉब के चले जाने अपने किसी दोस्त के साथ मनमुटाव हो जाने या फिर किसी और सामाजिक संबंध के बिखराव की स्थिति में भी यह अपने भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस नहीं करते | और किसी भी प्रकार के गलत निर्णय से अपने आप को बचाकर रखने में सक्षम हो जाते हैं |

  6. अक्सर ऐसा देखा जाता है कि जो लोग भावनात्मक रूप से मानसिक रूप से मजबूत होते हैं | जिनके सोचने समझने की शक्ति तीव्र होती है यानी कि जो लोग मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ होते हैं | उन लोगों में तनाव का स्तर काफी कम होता है | और तनाव का स्तर कम होने से कई प्रकार के मानसिक रोग , डिप्रेशन, एंजाइटी, असुरक्षा  आत्महत्या आदि परिस्थितियों से अपने आप को दूर रखने में सक्षम होते हैं | ऐसे लोगों में खुश रहने की प्रवृत्ति पाई जाती है | और इस तरह के लोग अपने आसपास के वातावरण के साथ सामंजस्य बिठाए रखने में सफल रहते हैं |

  7. एक मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति को अपने अवगुण और गुणों के बारे में पूर्ण जानकारी होती है | स्वयं का मूल्यांकन कर पाने की क्षमता होने के कारण ऐसे व्यक्ति अपने गुणों के अनुसार जीवन में आगे बढ़ने का निर्णय लेते हैं | और जो भी उसके अंदर नकारात्मक गुण होते हैं उन्हें दूर करने का प्रयास करके अपने व्यक्तित्व को बेहतरीन बनाते हैं |


वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर किए गए एक सर्वे के अनुसार यह आंकड़े सामने आए हैं वर्तमान समय में मानसिक अस्वस्थता शारीरिक अस्वस्थता की तुलना में बढ़ती जा रही है जीवन के प्रमुख कारण जीवन शैली में परिवर्तन का कार्य का तनाव संबंधों में बिखराव और तकनीकी संसाधनों का अत्यधिक उपयोग है”

तेजी से बढ़ रहे सोशल मीडिया और सोशल मीडिया पर बनने वाले रिलेशनशिप , दोस्ती जैसे संबंध जो कि बहुत ज्यादा स्थाई नहीं होते इनकी वजह से युवाओं में भावनात्मक रूप से कमजोर होने की समस्या आम होती जा रही है  |


सारांश

आखिर मानसिक स्वास्थ्य पर हम लोग खुलकर बात क्यों नहीं करते ? क्यों अपनी मानसिक परिस्थिति अपने तनाव और अपने डर के बारे में अपनों को बताना नहीं चाहते ? शायद इसलिए क्योंकि हमारे समाज में आज भी मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को अजीब नजरों से देखा जाता है -| अगर किसी व्यक्ति को बुखार आ जाता है या डायबिटीज हो जाती है या अन्य कोई शारीरिक अस्वस्थता होती है तो डॉक्टर के पास जाना और उसे इलाज करवाना आम माना जाता है| लेकिन वहीं दूसरी तरफ डिप्रेशन मानसिक तनाव या मानसिक अवसाद होने की स्थिति में साइकोलॉजिस्ट के पास इलाज के लिए जाना आज भी एक चर्चा का विषय बन जाता है | और शायद इसीलिए लोग अपनी मानसिक अस्वस्थता को खुलकर सामने नहीं ला पाते |

जरूरत है अपने बारे में विचार करने की  सोचने की और यह समझने की कि क्या हम वाकई में मानसिक रूप से मजबूत है  और अपने आसपास बदलते वातावरण परिस्थितियों के साथ सामंजस्य बिठा पाने में सफल है या नहीं ?

 क्योंकि अगर हमारा जवाब हां है तो इसका मतलब यह हुआ कि हम मानसिक रूप से पूर्णतया स्वस्थ हैं | और अगर नहीं तो कहीं ना कहीं हमें अपने लिए अपने आप पर काम करने की जरूरत है |


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