स्तन कैंसर का सबसे अच्छा इलाज क्या है?

कहने को हम औरतों को दुनियाभर के धर्मों में देवी का स्थान दिया जाता है लेकिन आम औरतों कि शारीरिक और मानसिक पीड़ा पर बात करना कितना मुश्किल हो जाता है विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार औरतों में अधिकतर बीमारियों लिए जानलेवा बन जाती है क्योंकि सही समय पर बेहतर इलाज नहीं मिल पाता

आज हम भी आपको एक ऐसी ही बीमारी के बारे में बताने जा रहे है जो जानलेवा तो जरूर है, लेकिन हमारी अपनी जागरूकता और सही समय पर उपचार लेने से ठीक कि जा सकती है और वह है स्तन कैंसर ( ब्रेस्ट कैंसर )

स्तन कैंसर का सबसे अच्छा इलाज क्या है?


कैंसर का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में डर कि खौफ की लहर दौड़ जाती है डॉक्टरों का मानना है कि एक बार को दुनिया कोरोना वायरस पर टिका ( इंजेक्शन) देकर काबू पाने में कामयाब हो सकती है लेकिन कैंसर कि दवा आज तक नही बन सकी लेकिन सही समय पर पता लगाने और ठीक उपचार से हम कैंसर से जंग जीत जरूर सकते है स्तन कैंसर पर बात करने से पहले, कैंसर के बारे में जान लेना जरूरी है

* आखिर क्या होता है कैंसर  ??

मनुष्य और हर स्तनपायी जीवों में तमाम तरह कि बीमारियां देखने को मिलती है जिसका एकमात्र कारण है हमारी शारीरिक संरचना। प्रौद्योगिकी ने जहां एक ओर मनुष्य का जीवन आरामदायक बना दिया है, वही हमें कई बीमारियां भी विरासत में मिली है, " कैंसर " उन्ही में से एक है यह तो हम सब जानते है कि हमारा शरीर कोशिकाओं ( सेल ) से बना होता है नर शुक्राणु और मादा अंडाणु से मिलकर जो कोशिका ( सेल) जन्म देती है वहीं आगे चलकर विभाजित हो मनुष्य का विकास करती है, विकास के दौरान कोशिका का विभाजन हमारे जीने कि निगरानी ( कंट्रोल ) में होता है

" कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक टिमोथी वील कहते हैं कि कैंसर असल में कोशिकाओं के विभाजन की प्रक्रिया का बेकाबू हो जाना है जब कोई जीन किसी वजह से ये जिम्मेदारी नहीं निभा पाता तो कोशिकाओं के विभाजन की प्रक्रिया आउट ऑफ कंट्रोल हो तभी इंसान को कैंसर की बीमारी होती है, ये बीमारी कुछ गिनी चुनी कोशिकाओं के बेकाबू होने से होती है। मगर ये इतनी तेजी से फैलती हैं कि इन्हें रोक पाना नामुमकिन सा हो जाता है। Source - BBC News " 

* कितने प्रकार का होता है यह कैंसर  ??

हालांकि शोध कार्य में लिप्त वैज्ञानिकों का कहना है कि कैंसर 200 से भी अधिक प्रकार का हो सकता है लेकिन कुछ प्रमुख प्रकार है -

डॉक्टर और शोधकर्ता मानते हैं कि कैंसर 200 से भी अधिक तरह का होता है और इसलिए इसके लक्षण भी विभिन्न होते हैं। लेकिन इस लेख में सिर्फ उन्हीं कैंसर के बारे में बताएंगे जिन्होंने लोगों को बहुत तेजी से अपना शिकार बनाया है चलिए जानते हैं कि वो कैंसर के कौन से प्रकार हैं

1 . ब्लड कैंसर 

यह मनुष्य में पाया जाने वाला सबसे तीव्र गति वाला कैंसर है इस कैंसर में व्यक्ति कि रक्त  कोशिकाओं में कैंसर पैदा होने लगता है और इसी के चलते शरीर में खून की कमी हो जाती है और कैंसर बहुत तेजी से शरीर में संक्रमित होना शुरू हो जाता है।

2. फेफड़ों का कैंसर 

फेफड़ों के कैंसर कि वजह से पीड़ितों कि स्थिति बहुत ही खराब हो जाती है, जिसमें उसको सांस लेने में परेशानी, बलगम जमने की दिक्कत, हड्डियों-जोड़ों में असहाय दर्द और भूख ना लगने के लक्षण देखने को मिलते हैं ।हर वक्त थकान और कमजोरी बरकरार रहती है फेफड़ों के कैंसर के बढ़ने का प्रमुख कारण धूम्रपान है।

3. ब्रेन कैंसर 

ब्रेन कैंसर जिसको हम ब्रेन ट्यूमर के नाम से भी जानते है यह मनुष्य के सिर ( मस्तिष्क) वाले हिस्से में उत्पन्न होता है जिसके कारण मस्तिष्क वाले हिस्से  में एक ट्यूमर ( गांठ ) बन जाती है और यह गांठ समय के साथ-साथ बड़ी होने लगती है और धीरे-धीरे पूरे मस्तिष्क में फैल जाती है  

4.स्तन कैंसर 

स्तन कैंसर जिसे आम तौर पर  ब्रैस्ट कैंसर भी कहते हैं, अमूमन महिलाओं में अधिक  पाया जाता है लेकिन, पुरुष भी इससे अछूते नही स्तन कैंसर के कारण  स्तन में एक प्रकार की गांठ बनने शुरु हो जाती है, जो धीरे-धीरे समय के साथ बढ़ने लगती है लेकिन नियमित जांच से स्तन कैंसर से बचा जा सकता है

5. चर्म (स्किन) कैंसर 

चर्म ( स्किन) कैंसर के मामले भी देश में बहुत तेजी से सामने आए हैं डॉक्टरों का कहना है कि स्किन कैंसर बहुत अधिक गर्मी में रहने, उचित भोजन करने और  शारीरिक गतिविधियों के ना कारण होता  है स्किन कैंसर हर उम्र के व्यक्ति को हो सकता है  

* कैसे जाने कि आपको कैंसर है  ??

अपोलो हॉस्पिटल के कैंसर स्पेशलिस्ट एवं अन्य डॉक्टरों के अनुसार निम्न पांच चेतावनी संकेत दिए गए हैं जो स्तन कैंसर होने का संकेत दे सकते हैं, जिसे किसी को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।

1. स्तन में गांठ या मस्से:- स्तन कैंसर के मामलों में दिखाई देने वाला यह सबसे आम लक्षणों में से एक हैं। स्तन में गांठों की जांच की जानी चाहिए, चाहे गांठ कोमल ही क्यों हों।

2. पूरे स्तन या किसी हिस्से में सूजन: - स्तन के एक हिस्से या पूरे स्तन में किसी भी तरह की सूजन एक समस्या का कारण है। हालांकि यह संक्रमण या गर्भावस्था जैसी स्थिति में भी हो सकता है, लेकिन स्तन की त्वचा में जलन और/या डिंपलिंग जैसे अन्य लक्षण हैं या नहीं यह खोज करना महत्वपूर्ण है। खुद से की गई स्तन परीक्षण किसी भी असामान्य परिवर्तन की जांच करने में मदद करेगी। ऐसा होने पर महिलाओं को तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

3. स्तन की त्वचा में परिवर्तन भी स्तन कैंसर का एक संकेत हो सकता है। इसमें शामिल है:

जलन/त्वचा का लाल होना।

त्वचा का मोटा होना।

स्तन ऊतक के डिंपलिंग।

त्वचा की बनावट में बदलाव

स्तन या फिर निप्पल का लाल रंग हो जाना

स्तन या फिर निप्पल में डिंपल, जलन, लकीरें सिकुड़न होना

स्तन का कोई भाग दूसरे हिस्सों से अलग होना



4. निप्पल में बदलाव: - निप्पल से किसी भी तरह के असामान्य तरल निकालने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साथ ही, निप्पल का अंदर की ओर को दबाने भी स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर निप्पल में दर्द हो तो उसकी भी चिकित्सा करनी चाहिए।

5. अंडरआर्म में गांठ: - अगर अंडरआर्म में गांठ होती है, तो इसकी स्तनों से संबंधित होने की संभावना बहुत ज़्यादा होती है। स्तन का ऊतक अंडरआर्म्स तक होता है। साथ ही, स्तन के कैंसर हाथों के नीचे मौजूद लिम्फ नोड्स से भी फैल सकते हैं।

लक्षण जान लेने के बाद सबसे पहला काम होता है किसी अच्छे चिकित्सक से सलाह लेना और बीमारी को शुरुआती दौर में ही पकड़ लेना तमाम बीमारियों कि तरह ब्रेट कैंसर यूं तो किसी को भी हो सकता है चाहे महिला हो या पुरुष।  लेकिन बहुत से कारणों कि वजह से यह खतरा महिलाएं अधिक होता है जैसे

"विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 

-बच्चे नहीं पैदा करना

-अधिक उम्र में पहला बच्चा होना

-स्तनपान नहीं कराना

-वजन में अत्यधिक वृद्धि 

- अक्सर शराब का सेवन करना तथा

- खराब अनियंत्रित जीवनशैली स्तन कैंसर के प्रमुख कारण हैं।

- इसके अलावा अनुवांशिक रूप से भी स्तन कैंसर की बीमारी होना संभव है।

- गर्भनिरोधक गोलियों का लगातार सेवन करना "  

- ब्रेस्ट कोशिकाओं का विकास जब असामान्य रूप से हो जाता है, तो यह स्तन कैंसर का कारण बन सकता है।

- हार्मोनल बदलाव के कारण भी महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है

- कैलोरी  कि मात्रा अधिक होने के कारण भी स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है


* आखिर बचाव कैसे हो इस खतरनाक बीमारी से ??

" डॉ. सज्जन राजपुरोहित के अनुसार जैसा हर कैंसर में होता है, स्तन कैंसर में भी इलाज इसी आधार पर तय होता है कि बीमारी का पता किस स्टेज पर चला है. इलाज में कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी होती है. जैसा कि शुरू में कहा गया है कि अगर आप हाई रिस्क फैक्टर में हैं, तो लक्षणों की जांच करते रहें. बीमारी का जल्दी पता चलने से सर्वाधिक रिकवरी की उम्मीद रहती है." - NDTV News 

* जागरूकता अभियान 

पूरी दुनिया में लोगों को कैंसर के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है क्योंकि हाल के सालो में स्तन कैंसर में बहुत ज्यादा इजाफा हुआ है इस वजह से 1 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर तक पूरी दुनिया में स्तन कैंसर जागरूकता अभियान चलाया जाता है

अपनी नानी और दादी को स्तन कैंसर के कारण होने वाली कॉर्न के मन में स्तन कैंसर के लक्षणों की पहचान को लेकर कई सवाल थे। इन सवालों के जवाब ढूंढते हुए उन्होंने 'नो योर लेमन्स' कैंपेन बना डाला जिसकी सोशल मीडिया वेबसाइट फ़ेसबुक पर काफ़ी चर्चा है नो योर लेमन्स डॉट कॉम पर स्तन कैंसर के लक्षण समझने के लिए नींबुओं की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। 'नो योर लेमन्स' कैंपेन में अंडों रखने वाले डिब्बे में नींबुओं की तस्वीर से महिलाओं को स्तन कैंसर के लक्षणों की समझ बड़ी आसानी से मिल सकती है कॉर्न कहती हैं कि कई मरीज स्तन के बारे में बात करना या उनकी तरफ देखना नहीं चाहते. लेकिन इस तस्वीर से कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी इसकी समझ हासिल कर सकती हैं - BBC News 

आपकी सजगता, सावधानी और सही उपचार आपको और आपके अपनों को इस जानलेवा बीमारी से बचा सकता है 
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