Swasth Jeevan ki Kiye aapko ye 10 foods miss nahi karne ,(10 खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें आपको खाने से नहीं चूकना चाहिए)

 10 स्वस्थ खाद्य पदार्थ जो महिलाओं को खाने चाहिए



                      हर व्यक्ति को जीवित रहने के लिए भोजन की जरूरत होती है। भोजन से हमें ऊर्जा मिलती है इसलिए भोजन हर किसी की जरुरत है। इंसान, पशु-पक्षी सभी को भूख लगती है और सब अपने खाद्य पदार्थों से अपना पेट भरते हैं भोजन से सबको शक्ति मिलती है लेकिन मनुष्य और अन्य प्राणियों के कार्य अलग-अलग है अन्य जीव-जंतु जहां केवल शारीरिक श्रम करते हैं वही मनुष्य शारीरिक मानसिक हर प्रकार का काम करता है इसलिए उसके द्वारा खाया जाने वाला भोजन भी पौष्टिक तत्व से भरपूर होना चाहिए ।इस के अभाव में ना तो शारीरिक विकास पूरी तरह से हो पाता है ना शरीर रोग मुक्त रह पाता है । पोषक तत्वों के अभाव में तरह-तरह की बीमारियां हो जाती है इसलिए पोषण का ध्यान आवश्यक है खाने  की दिनचर्या इस तरह बनाएं की समय समय पर पोषक तत्व हमारे शरीर में जा सके पोषण हमारे लिए बहुत आवश्यक है। पर  उम्र के अनुसार पोषण बदल जाता है यह आयु के अनुसार अलग-अलग होती है ।महिला के समय-समय पर उनके शरीर में बदलाव होते रहते हैं किशोरावस्था में मासिक धर्म की शुरुआत, गर्भावस्था में मां बनने के बाद तरह-तरह की कमी होती है जैसे मासिक धर्म में रक्तस्राव के कारण महिलाओं को खून की कमी हो जाती है। उनके खून में हिमोग्लोबिन कम हो जाता है इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थ लेने चाहिए जो आयरन से भरपूर हो। आज जब लड़का लड़की में कोई भेद नहीं है तब भी कहीं भेदभाव कही खुद की लापरवाही के चलते अधिकतर महिलाओं में कैल्शियम की कमी पाई जाती है ।हरी सब्जी और  दूध व दूध से बने उत्पाद फाइबर युक्त फल का प्रयोग महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है ।जो महिलाएं नॉन वेजीटेरियन है उनके लिए मीट और मछली का सेवन बहुत फायदेमंद है अक्सर महिलाएं घर दफ्तर को मैनेज करने या घर  के कामों में इतनी मशरूफ हो जाती है की अपनी सेहत ध्यान ही नहीं रहता । महिलाओं को उनके खान-पान का ध्यान तेरा जरुरी है ऐसे खाद्य पदार्थों को  शामिल करना चाहिए जिससे उनकी ऊर्जा  बरकरार रहे और वह हमेशा फिट रहे । महिलाओं की आवश्यकता अनुसार खाद्य पदार्थों को महिलाओं की आवश्यकता के हिसाब खाद्य पदार्थों को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है-



आयरन  युक्त भोजन

शिक्षकों का मानना है कि महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा अधिक  आयरन की आवश्यकता होती है ।महिलाओं को नियमित डाइट में 18 ग्राम आयरन युक्त चीजें लेनी चाहिए । हरी सब्जियों फाइबर और फाइबर युक्त फल बेहद फायदेमंद होते हैं।

नॉन वेज डाइट

जो महिलाएं नॉन वेजीटेरियन है उनके लिए मीट  और मछली का सेवन  बहुत फायदेमंद है।  इसमें पाए जाने वाला अमीनो ऐसिड महिलाओं के लिए बहुत आवश्यक है ।  कई बार कांट्रासेप्टिव पिल्स के साइड एफेक्ट से महिलाओं में होने वाली ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से बचाव के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है।  इसके अलावा इसके सेवन से हाइपरटेंशन, अवसाद, जोड़ों में दर्द, गठिया, दिल के रोग और प्रजनन संबंधी समस्याओं से भी बचाव होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी मछली का सेवन बहुत फायदेमंद है। गर्भावस्था के दौरान तो मछली का सेवन सप्ताह में दो से तीन बार करना चाहिए। इसके अलावा अंडे का सेवन फायदेमंद है ।

सोया के उत्पाद

सोयाबीन  आयरन विटामिन का एक अच्छा स्तोत्र है और सोया कि बने उत्पाद जैसे सोया मिल्क टोफू  महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है ।एक कप  सोयाबीन के सेवन से उन्हें 29ग्राम प्रोटीन और 9 ग्राम आयरन मिलता है।

पालक
सभी हरी सब्जी का सेवन महिलाओं के लिए फायदेमंद है लेकिन पालक का सेवन उनके लिए सबसे जरूरी है एक कप पके  पालक में पांच ग्राम प्रोटीन 6 ग्राम आयरन और  कई जरूरी मिनरल मौजूद होता है। कम से कम सप्ताह में दो से तीन बार डाइट में तो पालक लेना ही चाहिए। यह फोलेट का अच्छा स्रोत है जो गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है। साथ ही, यह कोलोन कैंसर, दिल के रोग और डिमेंशिया जैसे मानसिक रोग से भी उन्हें दूर रखता है। पालक के सेवन से त्वचा पर झुर्रियां कम होती हैं।
टमाटर

महिलाओं को सप्ताह में 3 से 5 टमाटर सेवन बहुत आवश्यक है। इसमें मौजूद लाइकोपिन   महिलाओं के लिए बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है बल्कि शोधों से पता चला  है कि यह महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से भी बचाता है। साथ ही इसके नियमित सेवन से महिलाएं लंबे समय तक युवा दिखती हैं।


लो फैट दही

लो फैट वाली दही में कैल्शियम और प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है कई शोधों से  यह पता चलता है कि लो फैट दही खाने से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर वेबेल सिंडोम, और पाचन संबधी रोगों से लोगों से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही  aastoyoprrasis जैसी बीमारी को भी  दूर करता है। साथ ही यह पेट में अल्सर व वजाइनल संक्रमण के रिस्क को कम करता है।

बींस

बींस में फैट और कोलस्ट्रल कम होता है और यह फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है । मेनोपॉज के दौरान इसका सेवन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। यह महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर और दिल के रोगों से दूर रखता है। सप्ताह में 3 से चार बार बींस का सेवन महिलाओं के लिए जरूरी है।

गाय का घी

गाय के घी में  सी एल ए यानी  conjulated linolek acid विभिन्न प्रकार के संक्रमण व मोटापे से दूर रखता है।

पपीता

पपीता पोटेशियम और विटामिन सी का भरपूर स्तोत्र है ।साथ ही यह गाल ब्लैडर संबंधी परेशानियों को दूर रखता है ।गर्भवती स्त्री को पपीता नहीं खाना चाहिए।

आमला

महिलाओं के लिए आंवला अमृत माना जाता है। इसमें विटामिन ए b भी पाए जाता है और सी तो होता ही  है । इसके सेवन से डाइजेशन बहुत अच्छा रहता है तथा आंख की रोशनी भी बढ़ती  है। आंवले की सबसे अच्‍छी बात ये हैं कि इसमें मौजूद विटामिन सी इसे उबलने या ड्राई करने के बावजूद भी उतना ही रहता है। इसके अलावा आंवले में कई तरह के पोषक तत्वों के साथ विटामिन ए और बी की मात्रा सबसे अधिक होती हैं। साथ ही साथ इनमें ओमेगा 3 और फाइबर भी मौजूद होता हैं। इसके सेवन से महिलाओं का डाइजेशन मजबूत होता हैं तथा पेट में गैस और कब्ज की समस्या नहीं होती हैं। साथ ही साथ इनके सेवन से आंखों की रोशनी अच्छी रहती हैं और हार्ट भी हेल्‍दी रहता हैं। इसलिए हर महिला को रोजाना आंवला जरूर खाना चाहिए, आप चाहे तो आंवला के जूस भी ले सकती हैं।

फल और सबज़ियों को अपने भोजन का सबसे बड़ा हिस्सा बनायें – आधी थाली मात्राः

कोशिश करें कि अनेक रंगों और कई प्रकार के फल और सब्ज़ियां खायें। और याद रखें कि स्वस्थ भोजन की थाली में आलू को सब्ज़ि नहीं माना जाता है, क्योंकि आलू को खाने से रक्त शर्करा, या ‘ब्लड ग्लूकोज़’ पर नकारात्मक असर होता है।

यह सारी चीजें महिलाओं के आहार के लिए बहुत जरुरी है ।जरुरी नहीं सब एक साथ किया जाए पर इनमें से जो भी संभव हो करना चाहिए। कभी एक गिलास दूध पी लिया जाए ,किसी दिन एक सेब खा लिया जाए। कभी सलाद के रूप में सभी सब्जियों का सेवन कर लेना चाहिएऔर लंच ब्रेक फास्ट इन सबमें जो भी संभव हो खाए पर कुछ न कुछ जरूर शरीर में जाना चाहिए जिससे शरीर को पोषण मिले और पोषक तत्व की कमी ना हो। जब पोषण मिलेगा तभी हम हर काम कर कर कर सकते हैं घर परिवार ऑफिस सभी जगह अपना सर्वोत्तम दे सकते हैं। महिलाओं के पास जिम्मेदारियां ज्यादा होती है इसलिए घर के साथ खुद का ख्याल  रखना  भी बहुत जरुरी है तभी हम हर को अच्छे से निभा सकते हैं। डाइट लेने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपने पसंदीदा भोजन को अलविदा कहना पड़ेगा, इसका मतलब है की ऐसे भोजन का सेवन कम करें जोजो फैट युक्त और कैलोरी युक्त हो। अपने भोजन में लीन प्रोटीन, हेल्दी फैट, स्मार्ट कार्ब्स और फाइबर को शामिल करें।

अत्यधिक कैल्शियम न लें: बहुत अधिक अवशोषित कैल्शियम गुर्दे की पथरी के खतरे को बढ़ा सकता है और यहां तक ​​कि हृदय रोग के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। यदि आप 50 वर्ष से कम उम्र के हैं, तो प्रति दिन 1,000 मिलीग्राम से अधिक कैल्शियम न लें। कहने का मतलब है कि सब कुछ खाए पर संतुलित मात्रा में और अपनी उम्र का ध्यान रखते हुए क्योंकि एक किशोरी एक व्यस्क और एक वृद्ध महिला तीनों के  खानपान में बहुत सारा अंतर होता है और उम्र के हिसाब से उनकी आवश्यकता भी अलग-अलग होती है इसलिए अपनी आवश्यकता को जानते हुए सही प्रकार की खाद्य पदार्थों और उसकी सही मात्रा में  चयन करें।




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