mahilaon ke lie peeth ke nichale hisse mein dard kaise theek karein?- महिलाओं के लिए पीठ के निचले हिस्से में दर्द के लिए कौन से प्राकृतिक उपचार उपलब्ध हैं?

 शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना किसी भी व्यक्ति की पहली प्राथमिकता होती है | घर की जिम्मेदारियां और काम के चलते कई बार महिलाओं को कई तरह की शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ता है | और इनमें सबसे ज्यादा जो समस्या सामने आती है वह है कमर दर्द | कमर के निचले हिस्से में दर्द होना ना केवल महिलाओं की कार्य क्षमता को कम करता है | बल्कि इसकी वजह से उन्हें काफी कष्ट सहन करना पड़ता है | हमारे देश में लगभग 60 से 70% महिलाएं कमर दर्द जैसी समस्या से ग्रसित है | बदलती जीवन शैली और परिवेश ने  हमारे खान-पान और हमारी नियमित आदतों में बड़ा बदलाव लाया है | और साथ कमर दर्द जैसी परेशानियों को लाकर हमारे सामने खड़ा कर दिया है |




कमर दर्द के कारण

माहवारी 

80 % महिलाओं को माहवारी से कुछ दिन पहले और महावारी के दौरान कमर के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव होता है | यह माहवारी के दौरान गर्भाशय में होने वाले संकुचन और हार्मोन में होने वाले परिवर्तन की वजह से हो सकता है | 

गर्भावस्था

 गर्भावस्था के दौरान मुख्यतया  पांचवें और सातवें महीने में अधिकतर महिलाओं को कमर दर्द का सामना करना पड़ता है | क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु का वजन बढ़ने के साथ रीड की हड्डी पर आगे की तरफ अत्यंत दबाव पड़ता है | जिसकी वजह से कमर दर्द होना एक आम बात है |


मांसपेशियों में खिंचाव 

कई बार अधिक वजन युक्त सामान उठाने, गलत तरीके से झुकने या अचानक झटके से कोई काम करने की वजह से भी कमर में दर्द हो सकता है|  कुछ स्थितियों में गलत तरीके से व्यायाम करने के कारण मांस पेशियों पर अत्यधिक खिंचाव पड़ता है जिनकी वजह से उनमें दर्द उत्पन्न हो सकता है गलत तरीके से व्यायाम करना भी कमर दर्द का एक प्रमुख कारण है |

साइटिका

सायटिक नर्व जो रीढ की हड्डी यानी की स्पाइन से होकर पैर में नीचे की तरफ जाती है | कई बार इस नस के दब जाने की वजह से कमर में दर्द और पैरों के सुन्न हो जाने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है

एंडोमेट्रियोसिस

 महिलाओं में कमर दर्द का यह एक बहुत प्रमुख कारण है | कई बार ऐसा देखा जाता है कि गर्भाशय के ऊतक गर्भाशय के बाहर की तरफ वृद्धि कर जाते हैं | जिसकी वजह से महिलाओं को कमर के निचले हिस्से में तीव्र दर्द उठता है |

गलत शारीरिक मुद्रा (पुअर पोस्चर )

अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं अपने घरेलू कार्य करते वक्त इस बात पर ध्यान नहीं देती कि उस वक्त उनकी शारीरिक मुद्रा कैसी है?

 जैसे - जमीन पर गिरे किसी भी सामान को उठाते वक्त कमर से झुकने की बजाए घुटनों को मोड़कर झुकना चाहिए | क्योंकि बार-बार कमर को मोड़ कर नीचे की तरफ झुक कर जब भी कोई सामान उठाया जाता है तो कमर में दर्द होना सामान्य बात है|

कमर दर्द के प्राकृतिक उपचार

  1. योगा आसन

योग एक ऐसा प्राकृतिक तरीका है जिसके द्वारा बिना किसी दवा के प्रयोग के कई तरह के शारीरिक रोगों से निजात पाई जा सकती है और इसके शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ते कमर दर्द में भी योगा चमत्कारिक रूप से कार्य करता है नीचे दिए गए कुछ आसन जो कि कमर दर्द को दूर करने में बहुत प्रभावी है 

सेतुबंध आसन

  •  सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं 

  • पैरों को घुटने से मोड़कर दोनों हाथों को एड़ी के पास रखें 

  • सांस को अंदर खींचते हुए कमर के निचले हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं 

  • कुछ देर इस स्थिति में रहने के बाद सांस को नीचे छोड़ते हुए कमर को नीचे की तरफ लाएं 

  • इस क्रिया को 4 से 5 बार दोहराया जा सकता है |

मार्जरी आसन


  • अपने दोनों घुटनों में थोड़ा सा अंतर रखते हुए चित्र के अनुसार स्थिति में बैठ जाएं 

  •  सांस को बाहर छोड़ते हुए गर्दन को ऊपर की तरफ उठाकर सामने की तरफ देखें

  •  इस दौरान आपकी रीड की हड्डी में खिंचाव महसूस होगा

  •  सांस को अंदर खींचते हुए थोड़ी को सीने से लगाए

  • इस तरह सांसो को अंदर बाहर करके रीड की हड्डी को मोड़ते हुए इस क्रिया को 4 से 5 बार दोहराएं


मर्कटासन 


  • सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं

  • अपने दोनों घुटनों को मोड कर एक के ऊपर एक रख ले 

  • पहले दाएं तरफ के घुटने को दाएं तरफ और बाएं घुटने को उसके ऊपर रखें 

  • गर्दन को विपरीत दिशा में घुमाएं 

  • दोनों हाथों को कंधों के बराबर सीधा रखें 

  • यही क्रिया विपरीत दिशा में भी दोहराएं 

  •  कमर दर्द में यह एक असरदार आसन होता है



  1. प्राकृतिक चिकित्सा विधियां

प्राकृतिक चिकित्सा विधियां कमर दर्द या शरीर के अन्य किसी दर्द में बहुत ही लाभदायक होती है| महिलाओं के निचले हिस्से के कमर दर्द की अगर बात करें तो प्राकृतिक चिकित्सा के अंदर ऐसे कई उपाय हैं जिनके द्वारा इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है |इनमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है- 

  •  ठंडे और गर्म पानी से स्नान


इन विधियों के अंतर्गत शारीरिक स्थितियों को देखते हुए व्यक्ति के कमर वाले हिस्से को ठंडे अथवा गर्म पानी में कुछ देर डुबोकर रखा जाता है | इसे हम सामान्य भाषा में गर्म या ठंडे पानी का सेक भी कह सकते हैं | प्राकृतिक चिकित्सा की इस विधि के द्वारा कमर दर्द में अत्यधिक लाभ मिलता है क्योंकि ठंडे पानी मैं कमर को डुबोकर रखने से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द में राहत मिलती है | 

वही मांस पेशियों या हड्डियों में खिंचाव की वजह से होने वाले कमर दर्द की स्थिति में अगर कमर वाले हिस्से को गर्म पानी में कुछ देर के लिए डुबोकर रखा जाए तो कमर दर्द को पूरी तरह से नष्ट किया जा सकता है |



प्राकृतिक चिकित्सा की इन विधियों का उपयोग करते समय पानी का तापमान व्यक्ति की उम्र और उसकी शारीरिक अवस्था को देखते हुए निर्धारित किया जाता है |


  1. घरेलू उपचार

कुछ आसान घरेलू उपाय ऐसे होते हैं जिनका उपयोग करके महिलाएं कमर दर्द से अपने आप को दूर रख सकते हैं इन घरेलू उपचारों में मुख्य हैं


गर्म हल्दी युक्त दूध का सेवन 

गुनगुने दूध में हल्दी डालकर पीना प्राचीन समय से दर्द निवारक औषधि की तरह उपयोग में लाया जाता है | चोट लग जाने या मांस पेशियों और हड्डियों में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए हल्दी युक्त गुनगुने दूध का उपयोग अत्यंत लाभदायक होता है

हल्दी का लेप 

कमर में दर्द होने की स्थिति में कमर पर हल्दी का लेप लगाने से कमर दर्द में राहत मिलती है

गुनगुने तेल की मालिश 

घर में उपलब्ध तेल जैसे कि सरसों तेल, तिल का तेल आदि को हल्का सा गर्म करके हल्के हाथ से अगर दर्द युक्त स्थान पर मालिश की जाए तो धीरे-धीरे कमर दर्द ठीक होने लगता है |



  1. पोषण युक्त आहार 

शरीर में किसी भी प्रकार का रोग हो अथवा बीमारी अगर उसे प्राकृतिक तरीके से दूर करना है तो सबसे ज्यादा जरूरी होता है सही आहार का उपयोग | कमर दर्द जैसी शारीरिक समस्याओं को दूर करने के लिए हमारे दैनिक आहार में कैल्शियम और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का होना बेहद आवश्यक है |

सही मात्रा में दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करके हम अपने शरीर में कैल्शियम की पूर्ति सही ढंग से कर सकते हैं | और कैल्शियम के सही अवशोषण के लिए हमारे दैनिक आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का होना भी बहुत जरूरी है |

 हरी पत्तेदार सब्जियां और कुछ फल जैसे कि अनार, सेब इत्यादि आयरन का प्रचुर स्रोत होते हैं|  इनका प्रयोग करके हम अपने शरीर में आयरन की होने वाली कमी को पूरा कर सकते हैं | 

 शरीर में सही मात्रा में कैल्शियम और आयरन का स्तर होने पर हड्डियों में होने वाली कमजोरी और दर्द को दूर कर सकते हैं और यह कमर में होने वाले दर्द को दूर करने में भी सहायक है |


सारांश

महिलाओं में कमर के निचले हिस्से में होने वाला दर्द जितना सामान्य है उतना ही आसान है इसका प्राकृतिक तरीके से उपचार | आवश्यकता है तो थोड़ी सी जागरूकता और जानकारी की | अगर इन प्राकृतिक तरीकों को हम अपने जीवन में अपना ले तो एक हद तक कमर दर्द की इस बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सकता है |


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